जाने क्यों मन होता है कुछ न कहूँ अपने बारे में;
मेरी लेखनी ही मेरे परिचय का ज़रिया बने ...
कविता बोले मै कौन हूँ,
फिर भी कभी लिखूंगी अपने बारे में ....
------------------------------------------- डॉ. प्रतिभा द्विवेदी 'स्वाति '
Thursday, 21 February 2013
---------R.N.T. 1919 ME haiku ki shuruat ki --------
दुनिया में बदलाव के लिए स्वयं की सोंच में परिवर्तन आवश्यक है।
ReplyDelete.
~~~agyat~~~
rt
ReplyDeleteketan /tumhe block kar diya h / saorry
ReplyDeletebhot acha h
ReplyDeletethnx abhi
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