जाने क्यों मन होता है कुछ न कहूँ अपने बारे में; मेरी लेखनी ही मेरे परिचय का ज़रिया बने ... कविता बोले मै कौन हूँ, फिर भी कभी लिखूंगी अपने बारे में .... ------------------------------------------- डॉ. प्रतिभा द्विवेदी 'स्वाति '
प्रारम्भ वही मध्य अंत भी वहीबिल्कुल सही
Sab k sabchate jeevan chakrmritu se aabadh
wlcm / kapil
प्रारम्भ वही
ReplyDeleteमध्य अंत भी वही
बिल्कुल सही
Sab k sab
ReplyDeletechate jeevan chakr
mritu se aabadh
wlcm / kapil
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