Sunday, 30 December 2012

मेरे शब्दों की इबारत

मेरे शब्दों की इबारत / है आईने जैसी !
जब भी मन हो / आना !
खुदको देख लेना !
कहीं ख़ुदा है / छुपा हुआ !
कहीं तूह मुस्कुराता है !

No comments:

Post a Comment