Thursday, 29 November 2012


ख्याल / किस कदर ,
नामुमकिन को ,
मुमकिन ,बना देते हैं !
अब लगने लगा है ,
तुमसे बात करने के लिये ,
तुम्हारा होना ज़रुरी नहीं !
---------------------------------------प्रतिभा

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